Coronavirus का किस उम्र के लोगों पर कितना असर, आंकड़े कहते हैं बच्चों के लिए न हों परेशान-2

मौत की दर बहुत ही कम
कोरोनावायरस के लिए अबतक कोई इलाज नहीं है। जापान की एक बड़ी फॉर्मा कंपनी इसके लिए ड्रग तैयार करने में लगी है। लेकिन सावधानी और बचाव ही फिलहाल इसका एकमात्र उपाय है। चूंकि यह वायरस बहुत ही तेजी से फैलता है, इसलिए लोग डरे हुए हैं। हालांकि, कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों में मौत का आंकड़ा देखें तो औसतन 100 संक्रमित मरीजों में से महज दो लोगों की मौत हुई है। खासकर भारत में ज्यादातर संक्रमित मरीजों की रिकवरी हुई है।



लक्षणों को समय रहते पहचानें


  • अचानक बुखार और सांस लेने में तकलीफ।

  • बहुत अधिक खांसी और जुकाम होना।

  • शरीर में तेज दर्द के साथ कमजोरी।

  • किडनी और लिवर में तकलीफ। 

  • निमोनिया के लक्षण सामने आना।

  • पाचन क्रिया में तकलीफ शुरू होना।

    इन बातों का रखें ध्यान


    • बार-बार आंख, नाक मुंह छूने से बचें।

    • सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पहले एन-95 मास्क पहनें।

    • संक्रमित लोगों से दूरी बनाकर रखें।

    • सर्दी, जुकाम, बुखार और कफ होने पर अस्पताल जरूर जाएं।

    • 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धुलें।

    • साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

    • एक इंसान से दूसरे में फैलता है।
      ऐसे करें बचाव


      • भीड़भाड़ में 3 से 6 फुट की दूरी बनाकर चलें।

      • बार-बार हाथ धोते रहें ताकि कीटाणु न फैलें।

      • सार्वजनिक वाहन से यात्रा के दौरान दस्ताने पहनें।

      • मुंह पर मास्क पहनकर रखें, नियमित बदलते रहें।

      • भीड़भाड़ या अस्पताल वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोनावायरस दुनियाभर में अपना पांव पसार रहा है। अबतक 3000 से ज्यादा लोगों की मौत का कारण बन चुके इस वायरस ने भारत में भी दस्तक दे दी है। देश में अबतक 30 लोग इससे संक्रमित हैं। कोरोनावायरस का अबतक कोई इलाज नहीं है और इससे बचाव ही एकमात्र उपाय है। इसी कारण लोगों से सावधानियां बरतने की अपील की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैंकॉक समेत कई नेताओं के अलावा स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गर्मी का मौसम आने पर कोरोनावायरस के खत्म होने की उम्मीद जताई है।इसके फैलने का एक कारण यह है कि ठंड में ज्यादा संख्या में लोग एक स्थान पर रहते हैं, जिससे यदि कोई भी व्यक्ति इस वायरस की चपेट में आता है तो यह बड़े पैमाने पर फैलने लगता है। खासकर खांसते या छींकते हुए यह और तेजी से फैलता है। दरअसल, सर्दियों में सर्दी, खांसी, जुकाम आम होती है। ऐसे में विषाणु आराम से फैलने लगते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि COVID-19 यानी कोरोनावायरस के प्रसार के लिए ठंड का मौसम या कम तापमान अनुकूल होता है। अक्सर हम देखते हैं कि सर्दी के मौसम में सीजनल फ्लू और कोल्ड वायरस बड़े पैमाने पर फैलता है और जैसे ही गर्मी का मौसम आता है, वायरस अपने आप ही खत्म हो जाते हैं।                                                                          पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर इन्फेक्शियस डिजीज डायनेमिक्स की निदेशक एलिजाबेथ  मैकग्रा के अनुसार कोरोना सर्दियों से जुड़ा वायरस है जो कि कम तापमान में ज्यादा फैलता है। फोर्टिस अस्पताल के डिपार्टमेंट ऑफ पल्मोनोलॉजी एंड स्लीप डिसऑर्डर के निदेशक विकास मौर्या और अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक गर्मी में कोरोनावायरस के प्रसार में रोक लगेगी। जिन इलाकों में तापमान कम था या सर्दी का मौसम था, वहीं कोरोनावायरस का ज्यादा असर देखा गया। वैज्ञानिक काफी पहले से इस बात का दावा करते आ रहे हैं कि गर्मी आते ही इस बीमारी में कमी आएगी और गर्मी बढ़ने पर कोरोनावायरस खत्म हो जाएगा। विकास मौर्या के मुताबिक कोरोनोवायरस एक जंगली जानवर से आया हुआ संक्रामक है, जो सर्दियों में होता है और सांस से जुड़ा हुआ है। हमें एक साल में कम से कम दो बार एक वायरल संक्रमण होता है।                                                                                               अंतर यह है कि कोरोनावायरस का यह स्ट्रेन एक प्रतिरोधी स्ट्रेन है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि गर्मियों तक इस स्ट्रेन में कमी आएगी।डॉयचे वेले में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, गर्म वातावरण में अपने आप को बचाए रखना विषाणुओं के लिए चुनौती होती है। विषाणुओं पर काम करने वाले वैज्ञानिक थॉमस पीट्समन के मुताबिक कोरोना वायरस बाहरी ओर से चर्बी की परत से घिरा हुआ है। उसकी इस परत के पास गर्मी को झेलने की शक्ति नहीं होती है। जैसे ही तापमान बढ़ने लगता है, वायरस आसानी से खत्म हो जाता है। प्रोटीन और जेनेटिक मेटेरियल से बनी चर्बी की परत वाले कुछ वायरस गर्मी में भ्ज्ञी खुद को जीवित रख सकते हैं, लेकिन कोरोना के लिए यह मुश्किल है।                                                                     अमर उजाला